ज़िंदगी जीने के लिए /Akash/ hindi Poetry/ Shyari in Hindi

ज़िंदगी जीने के लिए 


ज़िंदगी जीने के लिए /Akash/ hindi Poetry/ Shyari in Hindi






ज़िंदगी जीने के लिए एक निवाला ढूंढ रहा हूँ ,
खामोश है ज़िंदगी अब बोलनेवाला ढूंढ रहा हूँ...!!
अपनों के दिए गम और दर्द बहुत ज्यादा है,
उसे भुलाने को एक मधुशाला ढूंढ रहा हूँ...!!
काले बदलों और दर्द से ढक गई है ज़िंदगी मेरी,
अब ज़िंदगी रोशन हो ऐसा उजाला ढूंढ रहा हूँ...!!
ज़िंदगी में मुझे मेरे हर गुनाह की सजा मिली,
अब ज़िंदगी उजागर हो ऐसा हितवाला ढूंढ रहा हूँ...!!
बहुत आए ज़िंदगी में मेरे और छोड़के चले गए,
अब साथ मेरे हो ऐसा साथ रहनेवाला ढूंढ रहा हूँ...!!


Akash आकाश

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